कंप्यूटर के कॉम्पोनेन्ट (Components of Computer)

नमस्कार दोस्तों! कंप्यूटर के सीरीज में आपने पढ़ा होगा कि कंप्यूटर क्या होता है (What is Computer), इसके कितने प्रकार है, कंप्यूटर का इतिहास (History of Computer) और भी बहुत आपने पढ़ा ही होगा. आज के इस पोस्ट में हम कंप्यूटर के कॉम्पोनेन्ट (Components of Computer) के बारे में विस्तार से जानेगे कि इसमें क्या सब आता है और इसका क्या क्या काम होता है.

तो चलिए शुरू करते हैं आज का पोस्ट जिसका नाम है- कंप्यूटर के कॉम्पोनेन्ट (Components of Computer) और अगर आपको टेक्नोलॉजी से सम्बंधित ब्लॉग पढने में अच्छा लगता है तो आप इस लिंक पर क्लिक करके और भी पोस्ट पढ़ सकते हैं. (Click Here)

कंप्यूटर के कॉम्पोनेन्ट (Components of Computer)
कंप्यूटर के कॉम्पोनेन्ट (Components of Computer)

कंप्यूटर के कॉम्पोनेन्ट (Components of Computer)

कंप्यूटर के 5 मुख्य कॉम्पोनेन्ट नीचे दिए गए हैं. जो आज के समय में सभी जगह use किये जाते हैं.

  • Input Devices
  • CPU
  • Output Devices
  • Primary Memory
  • Secondary Memory

जैसा कि आपने ऊपर जाना कि कंप्यूटर के कोम्पोनेट्स क्या-क्या होते हैं: Input Devices, CPU, Output Devices, Primary Memory, और Secondary Memory. आइए अब हम पहले इस कोम्पोनेट्स के कुछ ऑपरेशन को जानते हैं. फिर हम इसके बारे में विस्तार में बात करेंगे.

कंप्यूटर के कॉम्पोनेन्ट (Components of Computer)
कंप्यूटर के कॉम्पोनेन्ट (Components of Computer)

कंप्यूटर कोम्पोनेट्स के ऑपरेशन (Operation of Computer Components)

कंप्यूटर कोम्पोनेट्स के ऑपरेशन नीचे दिए गए हैं:

1) इनपुट (Input): यह कंप्यूटर में raw data, instructions और information को दर्ज करने की प्रक्रिया है. यह input device की मदद से किया जाता है.

2) स्टोरेज (Storage): कंप्यूटर में data और instructions को स्टोर करने के लिए primary memory और secondary storage होती है. यह प्रोसेसिंग के लिए CPU को भेजने से पहले data को स्टोर करता है और processed data को output के रूप में display करने से पहले स्टोर भी करता है.

3) प्रोसेसिंग (Processing): यह raw data को useful information में बदलने की प्रक्रिया है. यह प्रक्रिया कंप्यूटर के CPU द्वारा की जाती है. यह storage से raw data लेता है, इसे संसाधित करता है और फिर processed data को storage में वापस भेजता है.

4) आउटपुट (Output): यह processed data को monitor, printer और speakers जैसे output device के माध्यम से present करने की प्रक्रिया है.

5) कंट्रोलिंग (Controlling): यह ऑपरेशन control unit द्वारा किया जाता है जो CPU का हिस्सा है. Control unit सुनिश्चित करती है कि सभी basic operations सही तरीके और क्रम में execute किए जा रहे हैं या नहीं.

तो चलिए अब हम कंप्यूटर के कॉम्पोनेन्ट (Components of Computer) के बारे में विस्तार से जानते हैं

Input Devices

इनपुट डिवाइस (Input Device) उपयोगकर्ता को कंप्यूटर पर data, information या control signals भेजने में सक्षम बनाता है. कंप्यूटर की सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) इनपुट प्राप्त करती है और इसे आउटपुट देने के लिए प्रोसेस करती है.

कुछ लोकप्रिय इनपुट डिवाइस निचे दिए गए हैं:

  1. Keyboard:
  2. Mouse
  3. Scanner
  4. Joystick
  5. Light Pen

इसके अलावा और भी इनपुट डिवाइस (Input Device) हैं लेकिन ऊपर दिए गए device ज्यादा use में लिए जाते हैं.

Input device
Input Devices

Keyboard

Keyboards एक बुनियादी इनपुट डिवाइस है जिसका उपयोग कंप्यूटर या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में कीज़ दबाकर डेटा दर्ज करने के लिए किया जाता है. इसमें अक्षरों, संख्याओं, वर्णों और कार्यों के लिए कुंजियों के अलग-अलग सेट हैं. वायरलेस संचार के लिए keyboards USB या Bluetooth device के माध्यम से कंप्यूटर से जुड़े होते हैं.

Mouse

माउस (Mouse) एक हैंड-हेल्ड इनपुट डिवाइस है जिसका उपयोग स्क्रीन पर कर्सर या पॉइंटर को घुमाने के लिए किया जाता है. इसे एक सपाट सतह पर उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और इसमें आम तौर पर बाएँ और दाएँ बटन और उनके बीच एक स्क्रॉल व्हील होता है. 

लैपटॉप कंप्यूटर एक टचपैड के साथ आते हैं जो माउस की तरह काम करता है. यह आपको टचपैड पर अपनी अंगुली घुमाकर कर्सर या पॉइंटर की गति को नियंत्रित करने देता है. 

माउस का आविष्कार डगलस सी. एंगेलबार्ट (Douglas C. Engelbart) ने 1963 में किया था. प्रारंभिक माउस में एक रोलर बॉल होता था जो डिवाइस के नीचे एक मूवमेंट सेंसर के रूप में एकीकृत होता था. 

आधुनिक माउस उपकरण ऑप्टिकल तकनीक के साथ आते हैं जो एक दृश्यमान या अदृश्य प्रकाश किरण द्वारा कर्सर की गति को नियंत्रित करता है. माउस कंप्यूटर के प्रकार और माउस के प्रकार के आधार पर विभिन्न पोर्ट के माध्यम से कंप्यूटर से जुड़ा होता है.

Scanner

स्कैनर (Scanner) टेक्स्ट के चित्रों और पृष्ठों को इनपुट के रूप में उपयोग करता है. यह तस्वीर या दस्तावेज़ को स्कैन करता है. स्कैन की गई तस्वीर या दस्तावेज़ को फिर एक डिजिटल प्रारूप या फ़ाइल में परिवर्तित किया जाता है और स्क्रीन पर आउटपुट के रूप में प्रदर्शित किया जाता है. यह छवियों को डिजिटल में बदलने के लिए ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (optical character recognition) तकनीकों का उपयोग करता है.

Joystick

जॉयस्टिक (joystick)भी माउस की तरह एक पॉइंटिंग इनपुट डिवाइस है. यह एक गोलाकार आधार वाली छड़ी से बना होता है. आधार को एक सॉकेट में फिट किया जाता है जो छड़ी के free movement की अनुमति देता है. स्टिक की गति स्क्रीन पर कर्सर या पॉइंटर को नियंत्रित करती है.

फ्रिस्ट जॉयस्टिक का आविष्कार सी.बी. मिरिक (C. B. Mirick) ने यू.एस. नेवल रिसर्च लेबोरेटरी (U.S. Naval Research Laboratory) में किया था. 

एक जॉयस्टिक विभिन्न प्रकार का हो सकता है जैसे displacement joysticks, finger-operated joysticks, hand operated, isometric joystick, और बहुत कुछ. जॉयस्टिक में, कर्सर जॉयस्टिक की दिशा में तब तक चलता रहता है जब तक कि वह सीधा न हो, जबकि, माउस में, कर्सर तभी चलता है जब माउस चलता है.

Light Pen

लाइट पेन (Light Pen) एक कंप्यूटर इनपुट डिवाइस है जो पेन की तरह दिखता है. लाइट पेन की नोक में एक प्रकाश-संवेदनशील डिटेक्टर होता है जो उपयोगकर्ता को डिस्प्ले स्क्रीन पर वस्तुओं को इंगित करने या चुनने में सक्षम बनाता है. 

इसका लाइट सेंसिटिव टिप ऑब्जेक्ट लोकेशन का पता लगाता है और CPU को संबंधित सिग्नल भेजता है. यह LCD स्क्रीन के साथ संगत नहीं है, इसलिए यह आज उपयोग में नहीं है. जरूरत पड़ने पर यह आपको स्क्रीन पर ड्रा करने में भी मदद करता है. मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में व्हर्लविंड प्रोजेक्ट के एक हिस्से के रूप में 1955 के आसपास पहली लाइट पेन का आविष्कार किया गया था.

Output Devices

आउटपुट डिवाइस (Output Device) एक इनपुट डिवाइस के माध्यम से कंप्यूटर में दर्ज किए गए raw data के processing के result को display करता है. ऐसे कई आउटपुट डिवाइस हैं जो text, images, hard copies, और audio या video जैसे विभिन्न तरीकों से आउटपुट display करते हैं.

Output Device
Output Devices

कुछ लोकप्रिय आउटपुट डिवाइस हैं:

  1. Monitor
    • CRT Monitor
    • LCD Monitor
    • LED Monitor
    • Plasma Monitor
  2. Printer
    • Impact Printers
      1. Character Printers
        • Dot Matrix printers
        • Daisy Wheel printers
      2. Line printers
        • Drum printers
        • Chain printers
    • Non-impact printers
      • Laser printers
      • Inkjet printers
  3. Projector

Central Processing Unit (CPU)

सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central Processing Unit) को प्रोसेसर (processor), सेंट्रल प्रोसेसर (central processor) या माइक्रोप्रोसेसर (microprocessor) भी कहा जाता है. यह कंप्यूटर के सभी महत्वपूर्ण कार्यों को करता है. 

यह हार्डवेयर और सक्रिय सॉफ्टवेयर दोनों से निर्देश प्राप्त करता है और तदनुसार आउटपुट तैयार करता है. यह सभी महत्वपूर्ण प्रोग्राम जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर को स्टोर करता है. CPU इनपुट और आउटपुट डिवाइस को एक दूसरे के साथ संचार करने में भी मदद करता है. 

CPU की इन विशेषताओं के कारण, इसे अक्सर कंप्यूटर का मस्तिष्क (brain of the computer) कहा जाता है.

Central Processing Unit (CPU)
Central Processing Unit (CPU)

CPU मदरबोर्ड पर CPU socket में लगा होता है. इसके अलावा, यह CPU को ठंडा रखने और सुचारू रूप से काम करने के लिए गर्मी को अवशोषित और नष्ट करने के लिए एक हीट सिंक (heat sink) के साथ प्रदान किया जाता है.

आम तौर पर, एक CPU में तीन components होते हैं:

  • ALU (Arithmetic Logic Unit)
  • Control Unit
  • Memory or Storage Unit

Primary Memory

Primary Memory
Primary Memory

प्राइमरी मेमोरी (Primary Memory) एक कंप्यूटर मेमोरी है जिसे एक प्रोसेसर या कंप्यूटर पहले या सीधे एक्सेस करता है. यह एक प्रोसेसर को चल रहे execution applications और services तक पहुँचने की अनुमति देता है जो अस्थायी रूप से एक विशिष्ट मेमोरी स्थान में संग्रहीत होते हैं.

प्राइमरी मेमोरी को प्राइमरी स्टोरेज (primary storage) या मेन मेमोरी (main memory) के रूप में भी जाना जाता है.प्राइमरी मेमोरी दो प्रकार की होती है: RAM और ROM.

Secondary Memory or Secondary Storage Devices

Secondary Memory or Secondary Storage
Secondary Memory or Secondary Storage Devices

सेकेंडरी मेमोरी (Secondary memory) एक कंप्यूटर मेमोरी है जो non-volatile होती है और कंप्यूटर/प्रोसेसर द्वारा सीधे एक्सेस नहीं की जाती है. यह एक उपयोगकर्ता को data को store करने की अनुमति देता है जिसे तुरंत और आसानी से retrieve, transported और applications और services द्वारा उपयोग किया जा सकता है.

सेकेंडरी मेमोरी को सेकेंडरी स्टोरेज (secondary storage) के रूप में भी जाना जाता है.

Conclusion

तो उम्मीद करता हूँ कि आपको हमारा यह पोस्ट “कंप्यूटर के कॉम्पोनेन्ट (Components of Computer)” अच्छा लगा होगा. आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमें आप Facebook Page, Linkedin, Instagram, और Twitter पर follow कर सकते हैं जहाँ से आपको नए पोस्ट के बारे में पता सबसे पहले चलेगा. हमारे साथ बने रहने के लिए आपका धन्यावाद. जय हिन्द.

इसे भी पढ़ें

Leave a Reply

%d bloggers like this: