The School Garden (मेरे विद्यालय की बगीचा)

नमस्कार दोस्तों! ये पोस्ट परीक्षा के दृष्टिकोण से लिखी जा रही है जिसमें आप “The School Garden (मेरे विद्यालय की बगीचा) – Essay in Hindi & English” पढेंगे. ये पोस्ट सभी छात्र और छात्रा के लिए भी काम आएगी. ये टॉपिक हमेशा एग्जाम सबमें पूछा जाता है.

तो इसी के साथ शुरू करते हैं आज का पोस्ट जिसका नाम है- “The School Garden (मेरे विद्यालय की बगीचा) – Essay in Hindi & English” और अगर आपको निबंध (Essay) से सम्बंधित ब्लॉग पढने में अच्छा लगता है तो आप इस लिंक पर क्लिक करके और भी पोस्ट पढ़ सकते हैं. (Click Here)

The School Garden (मेरे विद्यालय की बगीचा)
The School Garden (मेरे विद्यालय की बगीचा)

मेरे विद्यालय की बगीचा – हिंदी निबंध

मेरा विद्यालय शहर का सबसे पुराना विद्यालय है. इसकी स्थापना 1927 में हुई थी. इसका नामकरण एक महान समाज-सेवी के नाम पर हुआ है. इस विद्यालय का भवन बड़ा सुन्दर है. इस विद्यालय में एक सुन्दर फुलवारी है. यह विद्यालय के अन्दर है. यह भवन के सामने है. 

फुलवारी काफी बड़ा है. यह एक एकड़ के क्षेत्रफल में है. इसमें अनेक क्यारियाँ हैं. इसके चारों तरफ फूलों का सितारा है. प्रत्येक क्यारी के चारों तरफ किनारा है. प्राचार्य फूलों के बहुत शौकीन हैं. उन्होंने पौधों और फूलों के जीवन के सम्बन्ध में अनेक पुस्तकें पढ़ी हैं. वे एक कुशल माली की तुलना में काफी ज्ञानी हैं.

उन्होंने इस फलवारी में अनेक प्रकार के फूल लगवाये हैं. कुछ फल स्थायी के फल मौसमी हैं. इसमें अनेक प्रकार के गुलाब हैं. कुछ लाल, कुछ पीले. कछ नीले सफेद, कुछ गहरे-लाल गुलाब हैं. फूल बड़े-बड़े हैं. ये पंक्तियों में लगे हैं. ये बड़े दृश्य उपस्थित करते हैं. 

दूसरे प्रकार के फूलों के लिए भी अलग-अलग क्यारियाँ हैं. कुछ पौधे जमीन और दीवाल पर फैलने वाले हैं. बेला और जूही की एक लम्बी कतार है. मटर, सेम, डेलया 

और अन्य पौधों की अलग क्यारियाँ हैं. बाहरी किनारों पर कुन्द के वृक्ष हैं, जिनके मध्य में केले की कतारें हैं. बिल्कुल दक्षिण में आम और सीसम के वृक्ष हैं. 

कुछ क्यारियाँ हरे साग-सब्जियों की हैं. उनमें बैगन के पौधे हैं. हरी मिर्च के भी पौधे हैं. आलू और टमाटर के पौधे एक-दूसरे के समीप हैं. विभिन्न प्रकार की सेमों के पौधे हैं. क्यारियों को बड़े अच्छे ढंग से सजाया गया है. पौधों की सिंचाई के लिए पानी की सुन्दर व्यवस्था है. फुलवारी के मध्य विशाल कुआँ में रहट लगा हुआ है. 

काला विद्यालय में एक माली है. लेकिन विद्यार्थी अपनी-अपनी क्यारियों पर विशेष ध्यान देते हैं. वे उनकी देखभाल करते हैं. वे उसे सींचते हैं. कार्यभारी शिक्षक विद्यार्थियों की सहायता करते हैं. वे कार्य करने हेतु उन्हें योग्यता निर्देश देते हैं. वे उन्हें आधुनिक तरीके बतलाते हैं. सर्वोत्तम लड़का को पुरस्कृत किया जाता है. किसी क्यारी-विशेष के रख रखाव के लिए सर्वोत्तम दल को प्रमाणपत्र दिये जाते हैं. 

विद्यालय में एक फुलवारी समिति है. इस समिति में विद्यार्थियों में से ही सदस्य चुने जाते हैं. एक सदस्य हिसाब-किताब का प्रभारी है. वह क्रय-विक्रय का ब्योरा रखता है. लाभ से गरीब मेधावी विद्यार्थियों को सहायता दी जाती है. 

बागवानी एक अच्छा शौक है. इससे विद्यार्थी व्यावहारिक बनते हैं. उनका यहाँ पर कृषि-विज्ञान से परिचय होता है. वे कार्य द्वारा शिक्षा ग्रहण करते हैं. उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने की शिक्षा दी जाती है. इससे विद्यालय और विद्यार्थियों की ही सहायता होती है. हमारे देश के लिए यह अच्छी बात है.

My School Garden (मेरे विद्यालय की बगीचा) – Essay in Hindi & English

The School Garden – Essay in English

Our school is the oldest in the town. It was founded in 1927. It is named after a great social reformer. It has a big building. It has a beautiful garden. It is inside the compound of the school. It is in front of the building. 

The garden is big enough. It covers an area of one acre. It has many sub-plots. It has a nice flower border. Each plot has a separate border. The principal is very fond of flowers. He has read many books on the lives of plants and flowers. He is wiser than any expert gardener. 

He has got many kinds of flowers implanted here. Some flowers can be seen throughout the year. Some are seasonal. There is a wide variety of roses. Some are red, some are blue, some are yellow, some are white, some are dark red and so on. The flowers are big enough. They are planted in rows. They present a nice scene. 

There is a separate plot for other flowers as well. There are other plots of sweet peas, beans, dahlia and others. On the outer border, we can see a kund. Within it, we have rows of different kinds of bananas. There are mango trees and ‘seshams’ on the extreme south. 

. There are some plots of green vegetables. There are brinjal plants. We can see chilli plants. The potato and tomato plots are adjacent to each other. We have rows of beans of several kinds. The plots are arranged in a decent way. There is a nice system for watering the plants. There is a ‘rahat’ in a big well in the middle of the garden. 

There is a gardener in the school. But the students take special care of plots allotted to them. They look after it. They water it. The teacher-in-charge of the garden helps the students. He directs them to work. He teaches them modern methods. The best boy is given prizes. The best party of students-in-charge of a particular plot gets certificates of merit. 

There is a Garden Society in the school. It has elected members among the students. One is in charge of accounts. He keeps records of sales and purchases. The profit is utilized to help the poor but meritorious students. 

Gardening is a good hobby. It makes the students practical. They are introduced to the science of agriculture here. They learn by doing. They are trained to practise self-help. It is a help to the school and students. It is a good thing for our country.

Conclusion

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My School Garden (मेरे विद्यालय की बगीचा) – Essay in Hindi & English

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