छः बाल्टी पानी – व्यंग हिंदी कहानी

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छः बाल्टी पानी (व्यंग) हिंदी कहानी
छः बाल्टी पानी (व्यंग) हिंदी कहानी

छः बाल्टी पानी – व्यंग हिंदी कहानी

एक सुबह चौबेजी मेरे कमरे के सामने आ धमके और कहने लगे “एक बात पता है”.

मैंने कहा “क्या”

चौबेजी: यही कि एक लताम (अमरूद) में छह बाल्टी पानी होता है.

मैंने कहा: तुम्हे कोई मिला नहीं जो सुबह-सुबह मेरा भेजा खाने आ धमके.

चौबैजी: भला मुझे क्या जरूरत है, झूठ बोलने की. अगर तुम्हे मुझ पर यकीन नहीं तो खुद ही जाकर किसी लताम बगीचे में देख आओ.

मैं भी ठहरा एक्सपेरिमेंटल बाबू, झट से लताम के बगीचे जा पहुंचा और एक लताम जैसे ही तोड़ा वो सीधे मेरे पैरो पर आ गिरा और मेरे मुंह से राग भैरव शुरू हो गया.

किसी तरह से गाना बजाना बंद करके कुछ और लताम मैंने तोड़ा और उसे एक मिनी ट्रक में भरकर बाजार की तरफ निकल गया.

छः बाल्टी पानी -व्यंग हिंदी कहानी

वहां पहुंच कर मैंने जल्दी से लताम का स्टोल सजाया और इसके बाद मुर्गा फंसने का इंतजार करने लगा.

भारतीय बाजारों में लताम कोई खास कोतूहल भरा फल नहीं है, गाहे-बगाहे यह हर जगह उपलब्ध है.

बाजार में आने वाला ज्यादातर लोग आम लीची के स्टॉल पर रुक रहे थे, पर एक बंदा मेरे तरफ आने के लिए लपका शायद मेरे मुंह में तेज लपाट को देखकर.

आते ही मुझ से बोले “भई क्या आप कोहिनूर बेच रहे हो, जो इतना मुस्कान चेहरे पर लिए बैठे हो”.

मैं बीच में ही बोल पड़ा “कोहिनूर तो नहीं है, पर उससे कम भी नहीं”

वो बोले “क्या यह लताम आपका हीरे का बना है”

मैं बोला: इतना बोले, अगर इतना ही जानने के लिए बेकरार हुए जा रहे हो, तो मैं बता दूं इस एक लताम में छह बाल्टी पानी है”

छः बाल्टी पानी – व्यंग हिंदी कहानी

यह बात सुनकर उस आदमी का माथा ठनका और गिरते-गिरते बचा. 

संभलते हुए बोला: भाई लताम तो मैंने बहुत खाया है और उस चक्कर में गाछ से गिरकर बहुत बार हाथ-पैर भी तुड़वाया है, पर आज तक ऐसा लताम नहीं खाया जिसमे छह बाल्टी पानी आ सके.

और तो और वैज्ञानिक को भी ऐसे लताम के बारे में पता नहीं है, फिर आप इतने पक्के कैसे कह सकते हो कि इस लताम में छह बाल्टी पानी है.

मैं बोला: भाई आप तो अब तक विज्ञान ही पढ़े है, मैं तो परम विज्ञान की बात कर रहा हूँ.

वो बोला: मानाकि आप सही बोल रहे है और आता भी होगा छह बाल्टी पानी, लेकिन पिद्दू से एक लताम में छह बाल्टी पानी कैसे आ जाएगा, यह बात मुझे कुछ हजम नहीं हो रहा.

छः बाल्टी पानी – व्यंग हिंदी कहानी

मैं बोला: जब एक छोटी सी काली बिल्ली, सड़क का रास्ता काट सकती है, तो फिर एक लताम में छह बाल्टी पानी क्यों नहीं आ सकता है. बात में मेरे दम था.

उस आदमी ने लताम के पैसे दिए और एक लताम जैसे-तैसे एक थैले में लोड किया और घर की तरफ चल दिया.

तो दोस्तों आपको हमारा यह पोस्ट छः बाल्टी पानी – व्यंग हिंदी कहानी आपको पढने में कैसा लगा, आप हमें कमेंट बॉक्स में जरुर बताएं. हमारे साथ बने रहने के लिए आपका धन्यावाद.

क्रेडिट

इस कहानी को हमारे साथ मेरे दोस्त सरोज आलम ने किया है. इनका हिंदी कहानियों से बहुत लगाव है और ये हमें कई सारी हिंदी कहानियां भेजते रहते हैं. आप इनके linkedin अकाउंट पर जाकर उनका हौसला बढा सकते हैं.

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2 Comments

  1. धन्यवाद्

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